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Hathras;दीपावली से पहले नकली दूध-खोआ का कारोबाररंग-बिरंगी मिठाइयों की चमक में छिपा खतरा, खाद्य विभाग की सक्रियता पर सवाल

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UP/Hathras; बिकने को रखी मिठाई  हाथरस। दीपावली नजदीक आते ही जिले में नकली दूध और खोआ बनाने वाले कथित कारोबारियों के सक्रिय होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नकली दूध और खोआ तैयार कर हाथरस के अलावा दिल्ली-एनसीआर तक भेजे जाने की बात सामने आ रही है। दूसरी ओर बाजारों में खुले में बिक रही रंग-बिरंगी मिठाइयों पर मक्खी, मच्छर और सड़क की उड़ती धूल पड़ रही है।आकर्षक रंगों वाली मिठाइयां ग्राहकों को खूब लुभा रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार खाद्य पदार्थों में मानक के विपरीत रंग या रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे एलर्जी, पेट संबंधी समस्या समेत अन्य स्वास्थ्य परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए मिठाई खरीदते समय गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान देना जरूरी है।स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ गांवों में नकली दूध और खोआ तैयार करने का कारोबार चल रहा है। आरोप है कि छोटे स्तर पर अलग-अलग लोगों से माल तैयार कराकर उसे एकत्र किया जाता है और फिर दिल्ली, नोएडा व आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता है। यदि यह कारोबार बड़े स्तर पर चल रहा है तो सवाल है कि खाद्य विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है।पिछली दीपावली पर प्रशासन की छापेमारी में नकली दूध और खोआ तैयार करने से जुड़ी गतिविधियां सामने आई थीं। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए इस कारोबार पर अंकुश लगा था। अब फिर शिकायतें सामने आने से विभाग की नियमित निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।खाद्य विभाग को सिर्फ नमूने नहीं, स्रोत तक पहुंचना होगात्योहार के दौरान दूध, खोआ और मिठाइयों की बिक्री बढ़ने के साथ मिलावट का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में केवल दुकानों से नमूने लेकर कार्रवाई करने के बजाय उन स्थानों को चिन्हित करना जरूरी है जहां कथित तौर पर नकली दूध और खोआ तैयार किया जा रहा है। खुले में मिठाइयां बेचने वाले दुकानदारों की स्वच्छता और मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले रंगों की भी जांच होनी चाहिए।जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस मामले में खाद्य विभाग को अभियान को महज त्योहार तक सीमित रखने के बजाय निर्माण से लेकर सप्लाई तक पूरे नेटवर्क की जांच करनी चाहिए। यदि मिलावट की शिकायतें गलत हैं तो विभाग स्थिति स्पष्ट करे और यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई कर लोगों की सेहत से हो रहे खिलवाड़ पर रोक लगाए।

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