भाजपा के ब्राह्मण विधायको की बैठक और उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की चेतावनी पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को बिना नाम लिए तंज किया। सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा राज में ‘बाटी चोखा’ नहीं, केवल ‘माटी-धोखा’ खाने को मिलता है। वहीं एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘अपनों की महफिल सजे तो जनाब मेहरबान और दूसरों को भेज रहे चेतावनी का फरमान’। सपा प्रमुख ने कहा कि अब बात ‘हाता नहीं भाता’ से बहुत आगे निकल गई है। जब बात उपेक्षा से तिरस्कार तक पहुंच जाती है तो कोई भी समाज सह नहीं पाता है। ‘सत्ता’ अथवा ‘मान’, जब केवल ये ही दो विकल्प शेष रह जाते हैं तो स्वाभिमानी समाज सदैव मान-सम्मान को ही चुनता है। ये बातें किसी एक समाज विशेष पर नहीं, हर समाज पर बराबर से लागू होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा किसी की सगी नहीं है। आज भाजपाई कहलाना एक नकारात्मक पहचान का पर्याय बन चुका है। भाजपाई की परिभाषा में वे लोग आते हैं, जो अरावली की परिभाषा बदलकर अपने लालच के लिए पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों को ठगना चाहते हैं। जो कुकृत्यों में दोष सिद्ध, जेल में बंद अपराधियों को बेल पर छुड़ाकर उनका माल्यार्पण करते हैं।
भाजपा राज में ‘बाटी-चोखा नहीं, माटी धोखा : अखिलेश यादव


















