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Hathras;राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं, स्टारलिंक को मंजूरी देने से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य हो

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UP/Hathras; फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, एवं राष्ट्रीय उप महासचिव भूपेंद्र सिंह सोबती ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी विदेशी कंपनी को व्यावसायिक लाभ के लिए देश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति देने से पहले सरकार को सभी तकनीकी, कानूनी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की गंभीरता से जांच करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और सामरिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इंटरनेट ट्रैफिक का संचालन भारतीय कानूनों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो। डेटा की सुरक्षा, भारतीय गेटवे के माध्यम से ट्रैफिक का संचालन, सुरक्षा एजेंसियों के साथ आवश्यक सहयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा को नियंत्रित करने की क्षमता जैसे विषयों पर सरकार को स्पष्ट आश्वासन मिलना चाहिए।

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उन्होंने आगे कहा कि भारत में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में सरकार तथा सुरक्षा एजेंसियों को समय पर आवश्यक कार्रवाई करने का अधिकार और तकनीकी क्षमता मिलनी चाहिए। यदि किसी सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक की संरचना के कारण भारतीय नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने में कठिनाई आती है, तो इन आशंकाओं का समाधान किए बिना व्यावसायिक अनुमति देना उचित नहीं होगा। किसी भी कंपनी के व्यावसायिक हित देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सुरक्षा से ऊपर नहीं हो सकते।

प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल ने कहा कि भारत ने दूरसंचार और डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज देश में सस्ती इंटरनेट सेवाओं के विस्तार के साथ स्वदेशी तकनीक, भारतीय वैज्ञानिकों और स्टार्टअप की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है। सरकार को इसी दिशा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान, संचार उपग्रहों और स्वदेशी सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक के विकास को प्रोत्साहित करना चाहिए, ताकि ग्रामीण, पहाड़ी, सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों तक किफायती एवं सुरक्षित इंटरनेट सेवा पहुंचाई जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि भारत किसी भी आधुनिक तकनीक या विदेशी निवेश के विरुद्ध नहीं है। हमारा स्पष्ट मत है कि विदेशी कंपनियों का स्वागत देश के कानूनों, नियमों और सुरक्षा मानकों के पूर्ण पालन के साथ होना चाहिए। जिस प्रकार भारत में कार्यरत अन्य दूरसंचार कंपनियों को निर्धारित नियमों का पालन करना पड़ता है, उसी प्रकार स्टारलिंक सहित प्रत्येक कंपनी के लिए भी समान और पारदर्शी नियम लागू होने चाहिए।

प्रदेश संगठन मंत्री जितेंद्र चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार से मांग की कि स्टारलिंक को व्यावसायिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की अनुमति देने से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी सभी चिंताओं का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने, स्वदेशी उद्योगों को बढ़ावा देने और देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाली नीतियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत स्वदेशी तकनीक और अंतरिक्ष क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को और मजबूत करेगा तथा देशहित को सर्वोपरि रखते हुए ऐसे निर्णय लेगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत करें।
सधन्यवाद
निवेदक

मीडिया प्रभारी
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश

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